Thursday, October 14, 2010

nrega ki helpline sewa aarambha




  सौ दिन रोजगार योजना में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले जलपाईगुड़ी जिले में आज से इस योजना को और भी कारगर बनाने के उद्देश्य से हेल्प लाइन का शुभ आरम्भ किया गया. इस हेल्प लाइन के माध्यम से इलाके के लोग सौ दिन रोजगार योजना की सही जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. इसके अलावा इस से सम्बंधित अपनी शिकायतों को जिले में दर्ज भी करा सकेंगे. आज इस हेल्प लाइन की जानकारी देते हुए जिले के धुपगुड़ी प्रखंड के कार्यवाही प्रखंड अधिकारी विजय मोक्तान ने बताया की जिले के सभी बी एस एन एल के लैंड लाइन से इस नंबर को डायल कर साधारण आदमी महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार योजाना की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.यह नंबर है १८००३४५३२१५. उन्होंने बताया की सभी कार्य दिवस में सुबह दस बजे से लेकर शाम पांच बजे तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी . उन्होंने उम्मीद जताई की इस सुविधा से इस योजना में पारदर्शिता बनी रहेगी.

Saturday, October 2, 2010

haathiyon ki sudh lene pahunche kendriya mantri

केंद्रीय वन व पर्यावरण मंत्री जय राम रमेश ने कल जलपाईगुड़ी जिले के मोराघाट चाय बगान के नजदीक हुई सात हाथियों की मौत वाले घटनास्थल का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगो से बातचीत कर घटना की सही जानकारी लेने की कोशिश की . उन्होंने परिस्थिति की जानकारी लेने के बाद बताया की डुआर्स इलाके में लगातार हो रही वन्य प्राणियों की मौत चिंता का विषय है व इस को रोकने के लिए रेल , वन विभाग के स्थानीय लोगों को आपसी समन्वय स्थापित कर काम करने की jarurat  hai . unhone bataaya ki kendr  sarakaar isake liye har sambhaw sahaayata karane ko तैयार है . unhone shaniwaar ko rel mantri mamata bainarji se bhi is mudde par karane ka bharosha dilayaa. shri ramesh ne duaars ilaake me raat ke waqt rel n chalaane ka virodh karate hue kaha ki विकाश के लिए रेल और वन्य प्राणी दोनों की जरुरत है इसलिए दोनों बातों को ध्यान में रख कर काम करना चाहिए .

Tuesday, September 28, 2010

सात हाथियों की मौत से बौखलाए मुख्य मंत्री


जलपाईगुड़ी जिले के मोराघाट चाय बगान के नजदीक मालगाड़ी के धक्के से हुई सात हाथियों की मौत से भले ही राज्य के मुख्यमंत्री शोकाहात हो , लेकिन केंद्र सरकार से उस रुट पर रात में ट्रेन ना चलाने की अर्जी देकर उन्होंने एक बार फिर डुआर्स को रेल सेवा से वंचित रखने की पहल की है। गौरतलब है की जिले के बानारहाट और बिन्नागुड़ी रेल स्टेशनों के बीच इस माह की २३ तारीख को तड़के मालगाड़ी के धक्के से सात हाथियों की मौत हो गयी थी। इस दुर्घटना में मौके पर ही सात हाथियों की मौत हुई थी जिसके बाद स्वयं को पर्यावरण प्रेमी कहने वाले संगठनो ने रेल मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराते हुए भरसक आलोचना की थी किन्तु कोई भी यह कहने का साहस न उठा सका की इस घटना के लिए रेल मंत्रालय के साथ - साथ वन विभाग भी सामान रूप से दोषी है, क्यों की जब हाथियों का झुण्ड जंगल से निकल कर जन वस्तियों की और बढ रहा था तब वन विभाग के कर्मचारी कहाँ सो रहे थे। क्यों नहीं समय रहते रेल को इसकी सूचना दी गयी और इस घटना को बचाया जा सकता था।

दूसरी ओरपिछड़े इलाको की गिनती में आने वाले डूआर्स के विकाश की यात्रा हाल ही में शुरू हुई है इसके बाद भी राज्य के मुख्य मंत्री का ऐसाबयान यहाँ के लोगों के मन को दुखी करता है ।

Monday, July 5, 2010

भा ज प़ा और वाम पंथी दलों द्वरा महंगाई के विरुद्ध बुलाये गए बांध से आज पुरे भारत में अच्छा असर देखने को मिला । किन्तु सोछाने की बात है की इस बंद से भारत की आम जनता को क्या हासिल हुआ ? महंगाई कम हो या न हो किन्तु आज के बंद से भारत की अर्थ व्यवस्था को कितना नुकसान पहुंचेगा , और इस की भर पी भी सरकारें आम आदमी की जेब से ही करेगी। तो कुल मिलके बोझ तो आम आदमी के कन्धों पर ही आएगा।
बंद के बाद मुरली मनोहर जोशी और वाम पंथी नेता विमान बासु ने इस बंद को एतिहासिक करार देते हुए कहा की आम आदमी ने खुद ही इस बंद का समर्थन किया है , किन्तु सच्चाई इससे कोसो दूर है बंद समर्थको की गुंडा गर्दी और तोड़ फोड़ से डरी जनता ने आज सडकों par निकलने की कोशिश नहीं की । आज वक्त आ गया है की आम आदमी को यह फैसला लेना पड़ेगा की उनकी किस्मत और जीवन की दास्ताँ यह अपना मतलब साधने वाले नेता ही करेंगे या उनको खुद ही आगे आन की जरुरत है।
मेरी समझ के अनुसार आज देश की एक बड़ी आबादी युवाओं की है और देश को आगे लेन के लिए इसी tadad को आगे aane की जरुरत है.

Saturday, August 22, 2009

लगातार बारिश से बाढ़ की स्थिति




बचाव के लिए सेना बुलाई गई

जिले में लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है । जिले के मैनागुडी इलाके में तिस्ता नदी का तटबंध टूट जाने से लगभग ८०० घर जल मग्न हो गए है। परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सेना की मदद लेने का फ़ैसला लिया है। सेना के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस के लिए २० पर्वतीय खंड के जवानो व अधिकारियों को बुलाया गया। निर्देश मिलते ही सेना ने इलाके में बचाव कार्य शुरू कर दिया जिसके तहत सेना ने इलाके में राहत शिविर लगा कर पीड़ित परिवारों को बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया है । प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभावितों को खाना व स्वास्थ सेवाएं भी मुहैया करवाने का काम सेना के जवान व अधिकारी कर रहे है । किंतु इलाके में लगातार हो रही वर्षा से बचाव कार्य में बाधाएं आ रही है।

Sunday, August 16, 2009

अरण्यक की मौत

आज एक बार फिर एक हाथी का शावक अपनी जिंदगी की जंग हार गया । लगभग एक साल सात महीने की उम्र वाले इस हाथी शावक की मौत कल रात १३३० बजे गोरुमारा अभयारण के धुपझोरा इलाके में हो गई । जिला वन दफ्तर के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अरण्यक नामक इस हाथी शावक को गत ३० जून को जिले के धुपगुड़ी के रामसाई इलाके से जलढाका नदी से बरामद किया गया था । इसके बाद इसे गोरुमारा अभ्यारण के धुपझोरा के कैंप में रखा गया था। वन दफ्तर के इन विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार अरण्यक को दूध पिलाने की लिए उसे फूलमती नामक पालतू हथिनी के पास रखा गया था किंतु इस हथिनी को ख़ुद का एक बच्चा होने की वजह से उसने अरण्यक को दूध पिलाने से मना कर दिया जिसके वजह से शारीरिक रूप से कमजोर हो चुके अरण्यक ने कल रात दम तोड़ दिया। घटना के सन्दर्भ में जिला वन अधिकारी तापश दास ने बताया की माँ का दूध नही मिलाने की वजह से अरण्यक के लिबर व किडनी ख़राब हो चुके थे जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।
अरण्यक की इस मौत की वजह से वन प्राणियों की रक्षा करने पर जोर देने वाले संगठनो ने जिला वन विभाग की कार्य शैली पार्ट प्रश्न खडा करना शुरू कर दिया है । गौरे तलब है की पिचले दो वर्षों हाथी शवाक की मौत का यह तीसरा मामला है। इस से पहले सितम्बर २००८ व जनवरी २००८ में क्रमश गणेशी व कोजागर नामक हाथी शावक की मौत हो गई थी ।

Saturday, August 15, 2009

छावनी में हाथी मृत पाया गया




आज तड़के बानरहाट थाना अधीन बिन्नागुरी सैन्य छावनी में स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल के नजदीक एक मादा हाथी के मिट पाये जाने से इलाके में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही जलपाइगुरि वन विभाग के अधिकारी घटना स्थल पर पहुच गए और मामले की जांच शुरू कर दी । वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृत हाथी की उम्र लगभग २८ से ३० साल है । हाथी के मौत के कारणों के सन्दर्भ में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया की प्राथमिक जांच से यह पता चलता है की बिजली का झटका लगाने की वजह से ही हाथी की मौत हुयी है क्यों की घटनास्थल पर बिजली के तार प्राप्त हुए है किंतु सही कारणों की जानकारी हाथी के पोस्टमार्टम के बाद ही हो पाएगी ।